Introduction & Internet|Development & Internet इंटरनेट का परिचय-इंटरनेट का विकास
1. Introduction Of Internet (इंटरनेट का परिचय)
इंटरनेट एक वैश्विक संचार प्रणाली है जो हजारों व्यक्तिगत नेटवर्क को एक साथ जोड़ती है। यह एक नेटवर्क पर दो या अधिक कंप्यूटरों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान की अनुमति प्रदान करता है। इस प्रकार इंटरनेट मेल, चैट, वीडियो और ऑडियो कॉन्फ्रेंस आदि के माध्यम से संदेशों को स्थानांतरित करने में मदद करता है। यह दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के लिए अनिवार्य हो गया है जैसे बिल भुगतान, ऑनलाइन शॉपिंग और सर्फिंग, ऑनलाइन कक्षा आयोजित करना , ऑनलाइन कार्य करना, साथियों के साथ संवाद करना, आदि। वेब से सूचना प्राप्त करने के लिए इंटरनेट को सूचना सुपर हाईवे के रूप में परिभाषित किया गया है। हालाँकि, इसे कई तरीकों से परिभाषित किया जा सकता है।
- इंटरनेट इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क की एक विश्वव्यापी वैश्विक प्रणाली है।
- इंटरनेट मानक इंटरनेट प्रोटोकॉल (टीसीपी/आईपी) का उपयोग करता है।
- इंटरनेट के प्रत्येक कंप्यूटर की पहचान एक विशिष्ट IP पते से होती है।
- IP पता संख्याओं का एक अनूठा सेट है (जैसे कि 110.22.33.114) जो कंप्यूटर स्थान की पहचान करता है।
- IP पते को नाम देने के लिए एक विशेष कंप्यूटर DNS (डोमेन नाम सर्वर) का उपयोग किया जाता है ।ताकि उपयोगकर्ता एक नाम से कंप्यूटर का पता लगा सके।
- उदाहरण के लिए, एक DNS सर्वर एक विशेष आईपी पते के लिए http://www.mcu.ac.in नाम का उल्लेख करता है जिस पर यह वेबसाइट होस्ट की गई है। पूरी दुनिया में इंटरनेट हर उपयोगकर्ता के लिए सुलभ है।
2. Development Of Internet (इंटरनेट का विकास)
इंटरनेट का विकास रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि यह कई दशकों की मेहनत का परिणाम है। इसके विकास के मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:-
क. ARPANET की शुरुआत (1969)
इंटरनेट की नींव 1960 के दशक में रखी गई थी। अमेरिकी रक्षा विभाग (US Department of Defense) ने ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) नाम का एक प्रोजेक्ट शुरू किया। इसका उद्देश्य युद्ध के समय गुप्त सूचनाओं को सुरक्षित रूप से साझा करना था।
ख. TCP/IP प्रोटोकॉल (1983)
1 जनवरी 1983 को ARPANET ने TCP/IP (Transmission Control Protocol/Internet Protocol) को अपनाया। इसे आज के इंटरनेट का 'जन्म' माना जाता है क्योंकि इसी मानक ने अलग-अलग नेटवर्कों को आपस में जुड़ने की अनुमति दी।
ग. वर्ल्ड वाइड वेब - WWW (1990)
टिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee) ने 1990 में वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किया। इसके बाद इंटरनेट केवल वैज्ञानिकों तक सीमित न रहकर आम जनता के लिए सुलभ होने लगा।
3.(www) world Wide Web (वर्ल्ड वाइड वेब)
www का मतलब वर्ल्ड वाइड वेब है। इंटरनेट पर सभी संसाधन और उपयोगकर्ता जो हाइपरटेक्स्ट या हाइपरटेक्स्ट लिंक्स का उपयोग कर रहे हैं इसी तकनीक को हम www कहते है। वर्ल्ड वाईड वेब एक प्रणाली है जिसके द्वारा प्रत्येक वेबसाइट को एक विशेष नाम दिया जाता है। उसी नाम से उसे वेब पर पहचाना जाता है। www का प्रयोग सबसे पहले TIM BERNERS LEE ने 1989 में CERN प्रयोगशाला में किया था। वर्ल्ड वाईड वेब में सूचनाओं को वेबसाईट के रूप में रखा जाता है। ये वेबसाइटे वेब सर्वर पर हाईपरटैक्स्ट फाइलो के रूप संग्रहित होती है। वर्ल्ड वाइड वेब नेटवर्क-सुलभ जानकारी का ब्रह्मांड है, मानव ज्ञान का एक अवतार है। सरल शब्दों में वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट पर कंप्यूटरों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान का एक तरीका है, जो उन्हें परस्पर मल्टीमीडिया संसाधनों के विशाल संग्रह में एक साथ बांधता है।
4. Development Of www (www का विकास)
| Development Of www |
वर्ल्ड वाइड वेब 1989 में टिमोथी बर्नर्स ली द्वारा जिनेवा के सर्न में बनाया गया था। वर्ल्ड वाइड वेब उनके द्वारा एक प्रस्ताव के रूप में अस्तित्व में आया जिससे जिनेवा के सर्न में शोधकर्ताओं कुशलता से एक साथ वर्ल्ड वाइड वेब की प्रगति पर काम कर सकें। शोधकर्ताओं की कड़ी मेहनत से वर्ल्ड वाइड वेब के रूप में सामने आया। निम्नलिखित चित्र वर्ल्ड वाइड वेब के विकास को संक्षेप में परिभाषित करता है।
| www का विकास |
इंटरनेट के मुख्य उपयोग (Main uses of the internet)
- शिक्षा (Education): ऑनलाइन कोर्स, ई-बुक्स और रिसर्च।
- संचार (Communication): ईमेल, सोशल मीडिया (WhatsApp, Facebook) और वीडियो कॉलिंग।
- ई-कॉमर्स (E-commerce): ऑनलाइन खरीदारी और बैंकिंग।
- मनोरंजन (Entertainment): वीडियो स्ट्रीमिंग (YouTube, Netflix) और ऑनलाइन गेम्स।


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