फ्लॉपी डिस्क क्या है,What Is Floppy Disk Explain Its Types

 फ्लॉपी डिस्क क्या है,What Is Floppy Disk Explain Its Types

    यह एक प्लास्टिक के आवरण (Jacket) में मॉयलर (Mylar) पदार्थ की वृत्ताकार चकती होती है, जिसकी सतह पर चुंबकीय पदार्थों का लेप होता है। इनकी दोनों सतहो पर  संकेंद्रित ट्रैक्स (Tracks) और सेक्टर (Sector) होते हैं।

    फ्लॉपी डिस्क का आवरण इसमें स्थित डिस्को को घूमने पर खरोच से बचाता है इसकी चकती डिस्क (Disk) 5 ⅕ और 3 ½ इंच के व्यास में उपलब्ध होती है। इस के आवरण में एक हिस्सा खुला रहता है जिससे रीड राइट हेड डेटा को डिस्क पर संग्रहित (Stored) या प्राप्त कर सके। डेटा ट्रैक और सेक्टर में संगठित होता है। ट्रक संख्या डिस्क की परिधि से केंद्र की ओर 0 से प्रारंभ होती है इसमें एक ही देश को होती है इसलिए सिलेंडर की धारणा नहीं होती आवरण और डिस्क में एक छिद्र होता है, जिसे इंडेक्स हॉल (Index Hole) कहते हैं। इंडेक्स हॉल का उपयोग यह है कि जब भी यह फोटो सेंसर (Photo senser) के नीचे आता है। तो इसका अर्थ है रीड राइट हैंड अब वर्तमान ट्रैक के प्रथम सेक्टर (Sector) पर स्थित हो गया है। फ्लॉपी के एक और कुछ भाग कटा हुआ रहता है, जिससे राइट प्रोटेक्ट नोच (Write Protect note) कहते हैं। इसका उपयोग डिस्क पर डेटा को राइट या संग्रहण बचाने में किया जाता है। यदि राइट प्रोटेक्ट नोच को एक सेक्टर या टेप से बंद कर दिया जाता है तो डिस्क पर डेटा केवल रीड ही किया जा सकता है,राइट नहीं किया जा सकता।

    फ्लॉपी डिस्क निम्नलिखित दो प्रकार के आकार में उपलब्ध होती है -

    1. मीनी फ्लॉपी - 5 ¼ इंच व्यास।       

    2. माइक्रो फ्लॉपी - 3 ½ इंच व्यास।

        5.25 इंच बाली डिस्को में बगल में एक छोटा चौकोर कटाव होता है, इसे राइट प्रोटेक्ट नोच (Write Protect notch) कहते हैं इसे एक विशेष प्रकार की चिप्पी लगाकर ढका जा सकता है।


                     *                      Floppy Disk

    ब तक यह नोच खुला रहता है तब तक डिस्क पर कुछ भी लिखा या मिटाया जा सकता है। नोच को डक दिए जाने पर अंकित सूचना पड़ी तो जा सकती है पर कुछ भी लिख आया मिटाया नहीं जा सकता है।

        तकनीक में उन्नति के साथ साथ 5.25 इंच व्यास वाली डिस्क सेबी छोटे आकार की 3. 5 इंच व्यास बाली डिस्क बनी, जिस पर और अधिक मात्रा में सूचना संग्रहित कि जा सकती थी।

            3.5 इंच वाली डिस्को में भी सूचना को सुरक्षित रखने की व्यवस्था बनी होती है। इनमें एक छिद्र या छोटी सी खिड़की को धातु के आवरण को सरकार को खोला या बंद किया जा सकता है। जब तक यह खिड़की बंद रहती है। डिस्क पर कुछ भी लिख या पढ़ा जा सकता है। खिड़की खोल देने पर डेस्क पर अंकित किया हुआ डेटा पड़ा तो जा सकता है परंतु डिस्क पर कुछ लिखा नहीं जा सकता है।

         फ्लॉपी को इनकी आकार तथा संग्रह क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। आकार के आधार पर फ्लॉपी को मिली फ्लॉपी तथा माइक्रो फ्लॉपी में विभक्त किया गया है तथा संग्रह क्षमता के आधार पर इन्हें Single Density,Double Density, तथा High Density मैं विभक्त किया गया है इकाई क्षेत्रफल में उपस्थित ट्रैक की संख्या Density कहलाती है।

    Read more: Basic Components of a Computer System

      फ्लॉपी के प्रकार Types Of Floppy

    डाटा की संग्रह क्षमता के आधार पर फ्लॉपी निम्नलिखित प्रकार की हो सकती है-

    •   Single-Sided          =    Single Density

    •   Single-Sided          =    Double Density

    •   Single-Sided          =    High Density

    •   Double-Sided        =    Single Density

    •   Double-Sided        =    Double Density

    •   Double-Sided        =    High Density

    फ्लॉपी एक आसानी से उपलब्ध होने वाली, वजन में हल्की, कीमत में सस्ती भंडारण युक्ति है। इसका विशेष गुण यह है कि यह एक पोर्टेबल भंडारण युक्ति है अर्थात इसमें डाटा संग्रहित करके आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान को ले जाया जा सकता है। परंतु इसकी डाटा संग्रहण क्षमता कम होती है तथा बार-बार प्रयोग करने से यह जल्द ही खराब हो जाती है। धूल, धूप तथा नमी के संपर्क में आकर भी यह खराब हो सकती है।

    एक टिप्पणी भेजें

    0 टिप्पणियाँ